. वाक्यांश के लिए एक शब्द कम से कम शब्द में आधिकारिक भाव और विचारों की अभिव्यक्ति का प्रयास प्रत्येक लेखक या वक्ता करता है किन्तु ऐसा तभी सम्भव हो पाता है, जब वक्ता द्वारा व्यवहाहित भाषा में ऐसे शब्द की बहुलता हो जो अर्थ के दवाब को अध्याधिकारन करन हो सकता है किसी भाषा में ऐसे शब्द की बहुलता की समृद्धि का द्योतक है इस मायने में हिंदी भी एक समृद्ध भाषा है हिंदी में ऐसे शब्द शब्द संस्कृत से कुछ हैं हिंदी को स्वयं विकसित किया है | (अ ) • समान समान दूसरा कोई नहीं हो ----- अनुपम • जिस पर अनुग्रह किया गया हो ----- अनुगमन • जिसका शत्रु न जन्ममा हो -------- अजातशत्रु • अंत जीता न जावर ------ अजेय • जो कुछ नहीं जनता ------ अज्ञात • गुरु के समिप रहने वाले छात्र ------ इंटेवासी • दोपहर के बाद का समय ------ अपराह्न • पर पर अभियोग चलाया गया ------ अभियुक्त • जोकी कोई सीमा नहीं हो ----- असीम • जोको जाना न जावर ---...
Verb में ing जोड़ने के नियम Rule no:-(1)यदि verb के अंत में e हो तो ing जोड़ते समय e हट जाती है Ex:-Come+ing=Coming Give+ing=Giving Rule no:-(2)यदि verb के अंत में Consonat हो तथा उसके पहले single vowel हो तो ing जोड़ते समय consonant double हो जाता है Ex:-Swim+ing=Swimming Run+ing=Running Rule no:-(3)यदि verb के अंत में ie हो तो ing जोड़ते समय ie के स्थान पर y हो जाता है Ex:-Lie+ing=Lying Die+ing=Dying Rule no:-(4)शेष सभी क्रियाओं में ing जोड़ते समय कोई परिवर्तन नहीं होगा
अलंकार काव्य की शोभा बढ़ाने वाले उपकरण अलंकार कहलाते हैं| अलंकार के भेद 1. शब्दा अलंकार 2. अर्थालंकार 3. उभया अलंकार शब्दालंकार क्या होता है जिस अलंकार में शब्दों को प्रयोग करने से चमत्कार हो जाता है और उन शब्दों की जगह पर समानार्थी शब्द को रखने से वो चमत्कार समाप्त हो जाये वहाँ शब्दालंकार होता है। शब्दालंकार के भेद 1. अनुप्रास अलंकार 2. यमक अलंकार 3. पुनरुक्ति अलंकार 4. विप्सा अलंकार 5. वक्रोक्ति अलंकार 6. श्लेष अलंकार अनुप्रास अलंकार जब किसी वर्ण की आवृत्ति बार बार हो तब जो चमत्कार होता है अनुप्रास अलंकार कहलाता है| जैसे :- जन रंजन मंजन दनुज मनुज रूप सुर भूप। विश्व बदर इव धृत उदर जोवत...